किसान आंदोलन : क्या है ‘ToolKit’ मामला जिसमें में 21 वर्षीय जलवायु एक्टिविस्ट हुई गिरफ़्तार

दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने ग्रेटा थनबर्ग ‘टूलकिट’ मामले में जलवायु एक्टिविस्ट दिशा रवि को बेंगलुरु से गिरफ़्तार कर लिया है। 21 वर्षीय दिशा पर आरोप है कि उन्होंने ग्रेटा थनबर्ग द्वारा शेयर की गई टूलकिट को एडिट कर आगे भेजा था।

दिशा रवि ‘फ़्राइडे फ़ोर फ़्यूचर’ संस्था की संस्थापकों में से एक हैं। वह बेंगलुरु के माउंट कैरमल कॉलेज की विद्यार्थी हैं। पुलिस ने उन्हें शुक्रवार को बेंगलुरु से गिरफ़्तार किया जिसके बाद दिशा को दिल्ली लाया गया। दिल्ली की एक अदालत में पेशी के बाद दिशा को पांच दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है।

4 फ़रवरी को दिल्ली पुलिस ने ग्रेटा थनबर्ग के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि 26 जनवरी की हिंसा से पहले यह टूलकिट एक सोशल मीडिया हैंडल पर पाया गया था जो 26 जनवरी की घटनाओं के पीछे साज़िश का संकेत देता है।

यह भी पढ़ें – राम मंदिर: जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र को अब तक: 1,511 करोड़ का दान
disha ravi toolkit case,
Disha ravi
यह भी पढ़ें – किसान आंदोलन: शहीद जगदेव-कर्पूरी संदेश यात्रा का बिहपुर प्रखंड में दूसरा दिन

टूलकिट के बारे में बात करते हुए दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त प्रवीर रंजन ने कहा था कि भारत के खिलाफ “आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय युद्ध छेड़ने का प्रयास किया गया था”। केस की जानकारी देते हुए प्रवीर ने बताया, “हमने भारत सरकार के खिलाफ असंतोष फैलाने के लिए मामला दर्ज किया है – यह देशद्रोह और धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आधार पर समूहों के बीच विवाद और आपराधिक साजिश का मामला है”। पुलिस का कहना है कि उन्होंने टूलकिट में मौजूद इमेल एड्रेस, सोशल मीडिया अकाउंट व वेबसाइट की जानकारी मांगी है।

3 फ़रवरी को ग्रेटा थनबर्ग ने दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए “टूलकिट” साझा की थी। कुछ समय बाद ग्रेटा ने वह ट्वीट डिलीट कर दिया था। अगले दिन उन्होंने नई टूलकिट साझा करते हुए कहा कि पिछला टूलकिट पुरानी हो गई थी। पुलिस का कहना है कि इस टूलकिट को बनाने वाली संस्था ‘पोएटिक जस्टिस फ़ाउंडेशन’ एक खालिस्तानी संगठन है।

यह भी पढ़ें –पांच महीने की बच्ची पर मोदी मेहरबान, दवा के लिए माफ किया 6 करोड़ का टैक्स

Leave a Reply