‘राजनीति की जगह न्याय पर ध्यान दे इलाहाबाद हाईकोर्ट’ यूपी चुनाव को मुद्दा बनाकर शिवसेना ने क्यों की यह टिप्पणी?

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश चुनाव को टालने के अनुरोध के बाद से राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष की कई पार्टियां इसका विरोध करने लगी हैं और इसे भाजपा को फायदा पहुंचाने वाला कदम बता रही है। इसी क्रम में शनिवार को शिवसेना के मुखपत्र सामना के एक संपादकीय में उत्तर प्रदेश चुनाव को टालने वाले अनुरोध का विरोध किया गया है। सामना में पीएम मोदी पर भी तंज कसा गया है। इस संपादकीय में कहा गया है कि पीएम मोदी खुद की सलाह पर अमल नहीं करते हैं। 

राज्यों को चेतावनी देते हैं पीएम मोदी, लेकिन खुद अमल नहीं करते: शिवसेना

शिवसेना ने इस संपादकीय में उल्लेख किया है कि पीएम मोदी ने यूपी में बड़े पैमाने पर भीड़-भाड़ वाली रैलियां कीं और फिर कोरोना स्थिति की समीक्षा करने के लिए दिल्ली की यात्रा की, राज्यों को भीड़ से बचने की चेतावनी दी। वहीं एनसीपी के बयानों का समर्थन करते हुए शिवसेना ने कहा कि कि भाजपा के फायदे के लिए कोरोना की आड़ में विधानसभा चुनाव स्थगित किए जा सकते हैं।

राजनीति में न उतरे इलाहाबाद हाईकोर्ट: शिवसेना

वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा यूपी चुनाव टालने के अनुरोध पर भी शिवसेना ने नाराजगी जताई। शिवसेना ने कहा कि हाईकोर्ट कानून का पालन करे और राजनीति में न आए। दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोदी सरकार से अनुरोध करते हुए कहा था कि कोरोना महामारी के प्रसार पर रोक लगाने के लिए यूपी चुनाव को टाल दिया जाए।

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