Emergency Landing Strip के उद्घाटन पर बोले रक्षा मंत्री, कहा-‘हमने संदेश दे दिया’

नई दिल्ली: रक्षा और विकास एक दूसरे के पूरक हैं. मौजूदा सरकार ने उस पुरानी धारणा को बदल दिया है जिसमें ये माना जाता था कि अगर रक्षा पर खर्च करेंगे तो उससे देश का विकास रूक जाएगा. ये मानना है देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का जो गुरूवार को पाकिस्तानी सीमा के करीब बाड़मेर में नेशनल हाईवे पर देश की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड के उदघाटन पर बोल रहे थे.

रक्षा मंत्री ने इस दौरान बताया कि सड़क परिवहन मंत्रालय देशभर के सीमावर्ती इलाकों में कुल 20 ऐसी इमरजेंसी लैंडिंग फील्ड यानि ईएफएल तैयार कर रहा है जिन पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों से लेकर मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी टेकऑफ और लैंडिंग कर सकते हैं. पाकिस्तानी सीमा से महज़ 40 किलोमीटर दूर हुए इस कार्यक्रम में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया भी मौजूद थे.

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‘हमने संदेश दे दिया’ – रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि अभी देश भर में बाड़मेर के समान कुल 20 आपातकालीन लैंडिंग स्ट्रिप्स विकसित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, “केंद्रीय सड़क मंत्रालय की मदद से कई हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं. यह हमारे सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.”

उन्होंने कहा, “यह सोच थी कि अगर रक्षा पर ज्यादा खर्च किया गया तो देश का विकास प्रभावित होगा लेकिन आज, एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक आपातकालीन लैंडिंग पट्टी देखकर, मैं सुरक्षित रूप से कह सकता हूं कि रक्षा और विकास साथ-साथ चल सकते हैं.”

सिंह ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास इतनी पट्टी बनाकर हमने एक संदेश दिया है कि हम अपने देश की एकता, विविधता और संप्रभुता के लिए किसी भी कीमत पर खड़े होंगे.”

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युद्ध के समय में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना के ऑपरेशन्स यानि लैंडिंग और टेक-ऑफ हो सके, उसके लिए ही ये ईएफएल तैयारी की गई है. परिवहन मंत्रालय अब देश में ऐसे ही राष्ट्रीय राजमार्म और एक्सप्रेस-वे तैयार कर रहा है जिन्हें एयर-स्ट्रीप यानि हवाई पट्टे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके. ऐसे हाईवे जिन पर जरूरत पड़ने पर वायुसेना के ऑपरेशन्स को अंजाम दिया जा सके. क्योंकि युद्ध के समय में दुश्मन देश की वायुसेना सबसे पहले एयर-बेस और हवाई पट्टियों को ही नुकसान पहुंचाती है. ऐसे में ये हाईव एयर-स्ट्रीप वायुसेना के ऑपरेशन्स के लिए बेहद जरूरत होती हैं.

राजस्थान के बाड़मेर-जालौर सेक्टर में नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया यानि एनएचआईए ने 03 किलोमीटर लंबी एयर-स्ट्रीप यानि ईएलएफ तैयार की है. इसके अलावा हाईवे के करीब ही एनएचआईए ने तीन हैलीपैड भी तैयार किए हैं.

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