आम लोगों से ज्यादा मोटे लोगों को कोरोना का खतरा, पढ़िए क्या कहते है डॉक्टर ?

नई दिल्‍ली : कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत होनी शुरु हो गई है. जिसके चलते लोगों में फिर से कोरोना को लेकर डर देखा जा रहा है ,वहीं कोरोना की तीसरी लहर का डर मोटे और डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा सता रहा है. यही वजह है कि मोटापे के इलाज के लिए लोग बैरिएट्रिक सर्जरी करवा रहे हैं. एम्स जैसे संस्थान में हर हफ्ते तीन से चार बैरिएट्रिक सर्जरी हो रही है. वहीं इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर के डर से लोग अपना वजन कम करने के लिए सर्जरी के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि संक्रमण का असर कम से कम हो.

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आम लोगों से ज्यादा मोटे लोगों को कोरोना का खतरा

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर जानकारी देते हुए एम्स के बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. संदीप अग्रवाल बताया की मोटापे के शिकार लोगों में कोरोना संक्रमण गंभीर हो जाता है. आम लोगों के मुकबले यह दो से तीन गुणा ज्यादा सीवियर होता है ,जिससे अस्पताल में एडमिशन, वेंटिलेटर पर जाने और मौत का खतरा बढ़ जाता है. मोटापे के शिकार लोगों में कोई भी इन्फेक्शन खतरनाक होता है, कोविड तो और ज्यादा खतरनाक है.

सर्जरी कराना होगा लोगों के लिए सेफ

जानकार डॉक्टर के मुताबिक मोटे लोगों में फैट ज्यादा होने से इन्फ्लामेट्री मार्कर बढ़ जाता है, जिससे कोई भी बीमारी बढ़ सकती है. बैरिएट्रिक सर्जरी कोरोना काल में भी सेफ है. पहले कहा जा रहा था कि जो लोग यह सर्जरी कराते हैं, अगर सर्जरी के बाद उन्हें संक्रमण होता है तो ज्यादा दिक्कत हो सकती है. लेकिन, अब यह साफ हो गया कि ऐसी कोई बात नहीं है.

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अखिर क्या है बैरिएट्रिक सर्जरी

बैरिएट्रिक सर्जरी एक ऐसा प्रोसीजर है जो न केवल वजन कम करने में मददगार है, बल्कि यह डायबिटीज भी कंट्रोल करती है. 80 पर्सेंट लोगों में बैरिएट्रिक सर्जरी के बाद डायबिटीज ठीक हो जाता है और 20 पर्सेंट में डायबिटीज की स्थिति बेहतर हो जाती है.

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