सर्विस चार्ज के नाम पर इस बैंक ने आप के अकाउंट से वसूले इतने करोड़ रुपए !

नई दिल्ली : अब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ‘स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया’ (SBI BANK) में बचत खाता धारकों को अब चार बार से ज़्यादा पैसे निकालने के लिए शुल्क देना पड़ेगा. दरअसल, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने इन सेवाओं को ‘एडिशनल वैल्यु एडेड सर्विसेज’ की कैटगिरी में रखा है और इसके लिए ग्राहकों से 15 रुपये से 75 रुपये तक वसूले जाएंगे. एसबीआई ने कहा है कि बैंक शाखाओं, एसबीआई या किसी अन्य बैंक के एटीएम से केवल चार बार ही नकद निकासी निशुल्क की जा सकेगी लेकिन इसके बाद पांचवीं बार से नकद निकालने से 15 रुपये और जीएसटी वसूला जाएगा. एक वित्तीय वर्ष में दस पन्नों का चेकबुक निशुल्क दिया जाएगा और उसके बाद दस पन्ने का चेकबुक जारी करने पर 40 रुपये और जीएसटी और 25 पन्नों के चेकबुक के लिए 75 रुपये और जीएसटी का भुगतान करना होगा.

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सर्विस चार्ज के नाम पर 300 करोड़ वसूले

इसी साल आईआईटी मुंबई की एक स्टडी में यह बात सामने आई कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने साल 2015-20 की अवधि के दौरान ‘बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट एकाउंट’ के लगभग 12 करोड़ खाता धारकों से सर्विस चार्ज के नाम पर 300 करोड़ रुपये वसूले थे.

RBI की भी है भूमिका !

इतना ही नहीं स्टडी में यह भी कहा गया कि हर बार पैसे निकालने के लिए बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट एकाउंट के खाता धारकों से 17.70 रुपया का शुल्क लेना वाजिब नहीं लगता है. इसी स्टडी में यह बात भी सामने आई कि भारत के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक ने इस अवधि में बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट एकाउंट के 3.9 करोड़ खाता धारकों से सर्विस चार्ज के नाम पर 9.9 करोड़ रुपये लिए हैं और बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट एकाउंट के खातों पर सर्विस चार्ज लगाने का निर्णय रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के दिशा निर्देशों के तहत किया जाता है.

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