Lakhimpur Violence: CJI की यूपी सरकार को फटकार, पूछा- ये क्या रवैया है?

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले (Lakhimpur Kheri Violence Case) पर दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए आज (शुक्रवार ) केस की जांच पर असंतोष जाहिर किया है और कहा है कि मामले की सीबीआई (CBI) से जांच कराना समाधान नहीं हो सकता है, क्योंकि इसमें कुछ (लोगों) की संलिप्तता है. मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना ने यूपी सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे से कहा, “सीबीआई कोई समाधान नहीं है, क्योंकि आप जानते हैं… व्यक्तियों की वजह से… बेहतर होगा कि कोई अन्य व्यक्ति इस पर गौर करे.”

अदालत की यह टिप्पणी याचिकाकर्ताओं के उस अनुरोध पर थी, जिसमें लखीमपुर खीरी की घटना की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराए जाने की मांग की गई थी. CJI ने राज्य के वकील हरीश साल्वे से पूछा, “क्या राज्य (उत्तर प्रदेश) ने इसे सीबीआई को सौंपने का कोई अनुरोध किया है?” इस पर साल्वे ने जवाब दिया: “राज्य ने ऐसा अनुरोध नहीं किया है… मामला पूरी तरह से आपके प्रभुत्व में है… यदि आप जांच से संतुष्ट नहीं हैं, तो इसे सीबीआई को सौंप दें.”

मैं मानता हूं कि ज़रूरी कार्रवाई होनी चाहिए थी- यूपी सरकार

सीजेआई रमना ने कहा कि पोस्टमार्टम की प्रतीक्षा करने की ज़रूरत नहीं थी. इसपर साल्वे ने कहा कि मैं समझ रहा हूं कि जजों के मन में क्या है. मैं मानता हूं कि ज़रूरी कार्रवाई होनी चाहिए थी. इसके बाद सीजेआई ने कहा कि यह हमारे मन की बात नहीं है. हम लोगों को क्या संदेश दे रहे हैं? साल्वे ने कहा कि कल तक सारी कमी दूर कर ली जाएगी.

चीफ जस्टिस ने पूछा कि आपकी एसआईटी में कौन हैं. सब स्थानीय अधिकारी हैं. यही दिक्कत है. क्या राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की है? इसपर साल्वे ने जवाब दिया कि नहीं. लेकिन आप दशहरा छुट्टी तक प्रतिक्षा कीजिए. उसके बाद ज़रूरी लगे तो सीबीआई को जांच सौंप दीजिए.

पूरा मामला

पिछले रविवार (03 अक्टूबर) को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों पर केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा कथित गाड़ी चढ़ाने से चार किसानों की मौत हो गई थी. इसके बाद भड़की हिंसा में चार और लोगों की मौत हो गई थी. किसानों ने दर्ज FIR में आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे अजय मिश्रा ने प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें रौंदने की कोशिश की, जिसमें चार किसानों की मौत हो गई है.

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