Movie’s Special: लापरवाही के चलते गायब हुई पहली बोलती फिल्म ‘ALAM ARA’, गीत को भी भूले लोग

आज के समय में बेहतरीन फिल्मों की तलाश करनी हो तो वक्त के साथ थोड़ा पीछे जाना होगा। दरअसल आज की फिल्मों में टेक्नोलॉजी तो बेहतरीन है मगर कहीं न कहीं कहानी पिछड़ती जा रही है।
सिनेमा जगत की बात करें तो सबसे पहले हरिश्चंद्र फिल्म आई थी जो मूक फिल्म थी। और इसके बाद पहली फिल्म आलम आरा थी जो एक बोलती फिल्म थी। पारसी नाटक पर आधारित आलम आरा फिल्म 14 मार्च 1931 को रिलीज हुई थी। निर्देशक अर्देशिर ईरानी और लेखक जोसेफ डेविड निर्माता यह एक प्रेम कहानी थी । बचपन की कहानियों के जैसी राजकुमार और बंजारन लड़की की प्रेम कहानी। इस फिल्म की कहानी तकरीबन 124 मिनट लंबी है। तो वही फिल्म में तकरीबन सात गाने है। फिल्म का पहला गीत फिल्म के साथ-साथ भारतीय सिनेमा कभी पहला गीत है। दे दे खुदा के नाम पर गीत में भी फिल्म से कम सफलता हासिल नहीं की। अभिनेता वजीर मोहम्मद खान के द्वारा गाया गया यह गीत केवल तबला हारमोनियम और वायलिन के प्रयोग से ही पूरा हुआ है। फिल्म के किरदार कि बात करें तो इस फिल्म के मुख्य कलाकार जुबेदा, पृथ्वीराज और मास्टर विठुल थे। उस समय की यह फिल्म इतनी सुपरहिट थी कि भीड पर काबू पाना मुश्किल हो गया था और इसके लिए पुलिस की सहायता लेनी पड़ी थी।

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आलम आरा मूवी
आलम आरा
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अगर फिल्म की कहानी की बात करें तो पति पत्नी और वो जैसी ही कहानी है।फिल्म को कहानी में राजा की दो पत्नियां रहती है और दोनों में लड़ाइयां उस वक्त बढ़ जाती है जब एक फ़कीर यह भविष्यवाणी कर देता है कि राजा के उत्तराधिकारी को उनकी पत्नी नवबहार जन्म देगी। फिल्म की कहानी आगे बढ़ती जाती है, और अगर गुजरे वक्त की बात करें तो उस समय के लोग को इस तरह की कहानियां ही पसंद थी।

इस फिल्म की ज्यादा शूटिंग रात के समय हुई थी क्योंकि रात को शोर गुल की दिक्कत नहीं होती थी। इस फिल्म ने बड़े अवॉर्ड तो नहीं जीते मगर यह फिल्म भारतीय सिनेमा में खास जगह रखती है।

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कामयाबी की ऊंचाइयों तक पहुंची पहली बोलती भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए खेदजनक बात यह है कि आज हमारे पास आलम आरा की ना प्रिंट बचा है और न कभी किसी ने इस फिल्म का दस्तावेजीकरण किया था। इसी वजह से आज न तो आलमआरा की धुन किसी को याद है और ना गीत। फिल्म पुरातत्व विभाग आलमआरा के अवशेषों की खोज में लगा है, पर किसी को फिल्म का एक भी फ्रेम मिलने की उम्मीद नहीं है.

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