नहीं सुलझ रही पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह, नवजोत सिद्धू ने रख दी एक और बड़ी शर्त

पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में मची अंतर्कलह ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही है । पहले जहां पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच में द्वंद्व युद्ध देखने को मिल रहा है। वहीं अब कैप्टन के बाद सीएम बनाए गए चरणजीत सिंह चन्नी भी सिद्धू के निशाने पर आ गए हैं। इसी बीच सिद्धू ने कांग्रेस हाईकमान के सामने एक बड़ी शर्त रखी हैं।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा-…तो फिर शुरू कर देंगे काम

दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू ने राज्य अध्यक्ष के रूप में अपना काम फिर से शुरू करने के लिए एक और शर्त रखी है। सिद्धू नए महाधिवक्ता की नियुक्ति पर जोर दे रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस आलाकमान के दखल देने के बाद सिद्धू ने अब अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जिस दिन नया महाधिवक्ता नियुक्त किया जाएगा और नए डीजीपी पर पैनल प्राप्त होगा, वह कार्यालय में काम फिर से शुरू करेंगे।

उनकी घोषणा के बाद एडवोकेट जनरल एपीएस देओल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और पंजाब सरकार ने पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग को 10 नामों की सूची भेजी है। सिद्धू ने कहा कि जब आप सच्चाई के रास्ते पर होते हैं तो पोस्ट मायने नहीं रखते।

आपको बता दें कि 19 जुलाई को राज्य प्रमुख नियुक्त किए गए, नवजोत सिंह सिद्धू ने चरणजीत चन्नी के नेतृत्व वाली नई सरकार में मंत्रियों को विभागों के आवंटन के कुछ मिनट बाद पार्टी प्रमुख के रूप में इस्तीफा दे दिया, जो अमरिंदर सिंह के बाद मुख्यमंत्री बने।

नवजोत सिंह सिद्धू ही थे जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को बदलने के लिए आलाकमान बनाया था लेकिन कांग्रेस ने चन्नी को मुख्यमंत्री नियुक्त किया था। कांग्रेस ने राज्य के नए प्रभारी हरीश चौधरी को नियुक्त किया, जो अमरिंदर सिंह के ऑपरेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे, लेकिन अब तक मुद्दों को हल नहीं कर सके।

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