विरोधियों का दिल ऐसे जीत लेते हैं मोदी, राहुल को भी सुननी चाहिए देवेगौड़ा की ये बातें

एक तस्वीर मीडिया जगत में खूब सुर्खियों में रही थी, जब बीते हफ्ते पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा पीएम मोदी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली आए थे। पीएम मोदी द्वारा एचडी देवेगौड़ा की आवभगत की कई तस्वीरें वायरल भी हुई थीं। कई तस्वीरों को एचडी देवेगौड़ा के ट्विटर हैंडल से भी शेयर किया गया था। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर वैसे तो चर्चाएं हमेशास होती रहती हैं। लेकिन अपने विरोधियों का भी दिल जीतने की कला अगर किसी राजनेता को सीखनी चाहिए तो नरेंद्र मोदी इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। ऐसा कहने के पीछे की वजह है पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा का जिक्र किया गया पूरा एक वाक्या। जिसके बारे में पूर्व पीएम ने कर्नाटक के मांड्या में जिक्र करते हुए बताया कि इसी वजह से वो पीएम मोदी का बहुत आदर किया करते हैं।

भाजपा 276 सीटें जीतकर आई तो देवेगौड़ा दे देंगे इस्तीफा

 पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका सम्मान तब कई गुना बढ़ गया, जब उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देने की उनकी इच्छा ठुकरा दी। देवेगौड़ा ने उक्त घटना को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी को चुनौती दी थी कि यदि भाजपा 276 सीटें जीतकर अपने दम पर सत्ता में आयी तो वह लोकसभा से इस्तीफा दे देंगे। देवेगौड़ा ने कहा कि मैंने उनसे कहा था कि अगर आप 276 सीटें जीतते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। आप दूसरों के साथ गठबंधन करके शासन कर सकते हैं, लेकिन अगर आप अपने दम पर 276 सीटें जीतते हैं, तो मैं (लोकसभा से) इस्तीफा दे दूंगा।

पीएम मोदी ने इस तरह जीता दिल

 2014 के चुनाव में बीजेपी अकेले दम पर पूर्ण बहुमत के साथ  सत्ता में आई। जिसके बाद देवेगौड़ा को अपने वादे को पूरा करने की इच्छा जती। पीएम मोदी की तरफ से उन्हें व्यक्तिगत रूप से शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित मिला। देवेगौड़ा ने कहा कि समारोह समाप्त होने के बाद, उन्होंने मोदी से मिलने का समय मांगा, जिसके लिए वह सहमत हो गए। उन्होंने कहा कि जब उनकी कार संसद के बरामदे में पहुंची तो प्रधानमंत्री मोदी खुद वहां उनका स्वागत करने पहुंचे। देवेगौड़ा ने कहा कि मुझे तब घुटने में दर्द था, जो अभी भी है। वह जिस भी तरह के व्यक्ति हों, उस दिन जब मेरी कार वहां पहुंची, मोदी खुद आए, मेरा हाथ पकड़कर मुझे अंदर ले गए। यह व्यवहार उस व्यक्ति के लिए था, जिसने उनका (मोदी) इतना विरोध किया था।’’ देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देने की इच्छा व्यक्त की। देवेगौड़ा ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि मैं अपनी बात पर कायम हूं। कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। उन्होंने मुझसे कहा कि मैं चुनाव के दौरान बोली जाने वाली चीजों को इतनी गंभीरता से क्यों ले रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी स्थिति उत्पन्न होगी, तो उन्हें मेरे साथ मामलों पर चर्चा करने की आवश्यकता होगी।

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