किसने चुराई नीलोत्पल मृणाल,’डार्क हॉर्स’ की आत्मा ?

  • बृजेश गहलावत

नई दिल्ली। जबरदस्त रेटिंग वाली भौकाली वेबसेरीज़’टीवीएफ-एस्पिरेन्ट्स’ (TVF-Aspirant) पर लखप्रति लेखक ‘सत्य व्यास’ ने कहा है कि ‘टीवीएफ-एस्पिरेन्ट्’ नीलोत्पल मृणाल के उपन्यास ‘डार्क हॉर्स’ की ब्लैटैंट कॉपी है। गौरतलब है कि इसी साल के अप्रैल की 7 तारीख़ को दीपेश सुमित्रा जगदीश लिखित व अपूर्व सिंह कार्की निर्देशित ‘टीवीएफ-एस्पिरेन्ट्स’ वेब-सीरीज का पहला एपिसोड और ठीक एक महीनें बाद 8 मई को आख़िरी यानि पांचवा एपिसोड।  ‘टीवीएफ-एस्पिरेन्ट्’ के पहले ही एपिसोड को दर्शकों ने खूब सराहा और प्यार दिया।

वेबसेरीज़ के पात्रों जैसे- संदीप ओहलां, धैर्या, अभिलाष, गुरि और एसके ने दर्शकों के दिलों में कोठी-बंगले बना लिए। ‘टीवीएफ-एस्पिरेन्ट्स’ के हरियाणवी करैक्टर संदीप ओहलां का तो कहना ही क्या! संदीप ने उन तमाम हरियाणवी और विशेष रूप से जाट समाज के विषय में बने उन तमाम ‘लकीर के फकीर’ की धारणा को तोड़ने का काम किया, जो फ़िल्मों और वेब-सीरीजों में हरियाणवी व जाट समाज के नकारात्मक चरित्र चित्रण के चलते बने हैं जैसे हिंसा प्रेमी, हुक़्के के चासडू, घोर प्रेम विरोधी, शरीर से मज़बूत और दिमाग़ से कमज़ोर होने के साथ-साथ पढ़ाई के प्रति लापरवाह व डोनेशन के ज़रिए दाखिला पाने वाले (पंजाबी फ़िल्म का चरित्र ‘भोलू’, होस्टल के दिनों का चरित्र ‘जाट’)

‘एस्पिरेन्ट्स’ का हरियाणवी जाट चरित्र  ‘संदीप’ मास्टर (अध्यापक) की सरकारी नौकरी छोड़कर दिल्ली के राजिंदर नगर में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहा होता है। ‘एस्पिरेन्ट्स’ का संदीप ना तो होक़्क़ा पीवै सै, ना ही राह चलती लड़कियों न छेडै सै और ना ही गली-नुक्कड़ से गुज़रते वक़्त बुलट बाइक से पटाख़े छोड़ता। ‘एस्पिरेन्ट्’ का संदीप उन तमाम स्टीरियोटाइप या घिसे पिटों से इतर है जो कि मेनस्ट्रीम मीडिया, फ़िल्मों व वैब-सीरीज में हरियाणवी किरदारों के ग़लत चित्रण के चलते दूसरे राज्य के लोगों के दिलों में कोठी-बंगला बना गए हैं।

‘एस्पिरेन्ट्’ का संदीप पढ़ाकू है अपने से जूनियर यूपीएससी के तैयारी करने वालों की हौसला अफ़ज़ाई करता है उन्हें सकारात्मकता का पाठ पढ़ाता है। ‘एस्पिरेन्ट्’ के सन्दीप से लोगों को यूपीएससी फोड़ने की उम्मीदें हैं। न कि बुलट बाइक से पटाके फोड़ने की! ‘एस्पिरेन्ट्’ के फैंस के दुलार का ही नतीजा है कि पाँचवे एपिसोड तक आते-आते ‘एस्पिरेन्ट्’ के निर्माताओं के हौंसले इतने प्रबल हो गए कि उन्होंने फैंस के सामने शर्त रख दी कि पांचवा एपिसोड दस मिलियन सब्सक्राइबर होने के बाद ही अपलोड किया जाएगा। अब होना क्या था फैन्स चूँकि जबरिया थे लग गए काम पर दे-दना-दन सब्सक्राइब किया और करवा डाला लेकिन क़रीब 93 लाख तक आते फैन्स के भी हौंसले पस्त होने लगे और साथ ही निर्माताओं ने पांचवा एपिसोड अपलोड कर दिया। फ़ैन्स ने मिम्स के ज़रिए खूब लाड़-लड़ाए। बात आई-गई हुई, ठीक रानू मण्डल या किसान आंदोलन की कवरेज की तरह।

अब उस पर आते हैं जिस पर बवाल कटा है बवाल कटा है सोशल मीडिया की मुख्य साइट फेसबुक पर सत्या व्यास (बनारस टॉकीज के लेखक) की एक पोस्ट के मुताबिक ‘टीवीएफ-एस्पिरेन्ट्’ देखी। यह नीलोत्पल मृणाल के ‘डार्क हॉर्स’ की ब्लैटैंट कॉपी है।
लेखक और प्रकाशक को इस पर कानूनी कारवाई करनी चाहिए। इसी पोस्ट के तीन घण्टें बाद खुद नीलोत्पल मृणाल मोर्चा संभाल लेते हैं और फेसबुक की अपनी ब्लू टिक आली वॉल ओर खूब पोस्ट फोड़ते हैं सिलसिला अभी तक चल रहा है। नीलोत्पल लिखते हैं उन्होंने अरुणाभ कुमार से मुलाक़ात की थी और कहा, पढ़ कर देखिये। इस पर कुछ बन सकता है क्या? साथ में मुलाक़ात वाले दिन की फ़ोटो भी सोशल मीडिया पर साझा की है। मृणाल यहीं नहीं रुकते मृणाल लिखते हैं कि उनके उपन्यास की मूल आत्मा चोरी हुई है। अन-अकेडमी ‘आईएएस’ बनाता है। बनाये…आईएएस वालों की चोरी की कहानी पर सीरीज क्यों बनाता है?
अन-अकेडमी चोरी की शिक्षा मत दो…
देश को आईएएस दे सकते हो तो… वर्ना धंधा तो फ़ेयर करो… अनफ़ेयर काम ठीक नहीं।
किसी का सपना लूट कर सीरीज बनाना ठीक नहीं।

कोचिंग में कोई तो एथिक्स भी पढ़ाता होगा?
यूपीएससी के स्लेबस में है भाई। जय हो।

इस पर ‘टीवीएफ़-एस्पिरेन्ट्’ के लेखक दीपेश सुमित्रा जगदीश, घबराइये नहीं, घबराना मना है ये तीन नहीं, एक ही लेखक के तीन नाम हैं। दीपेश ने भी अपनी फेसबुक वॉल पर चस्पा की गई पोस्ट है और मुझें फोन पर हुई बात में बताया कि ‘सबसे पहले मैं उनसे ये कहना चाहता हूँ, कि एक लेखक होने के नाते अगर किसी की कहानी को चोरी कर लिया जाये तो उससे बड़ा दुःख कोई नहीं होता। उससे बड़ा दुःख सिर्फ एक ही होता है, जब किसी लेखक की सालों की मेहनत पर एक दूसरा लेखक चोरी करने का आरोप लगाये और इसलिए मैं नीलोत्पल भाई को ये आश्वासन देना चाहता हूँ कि भाई मैं खुद आपको पूरी तरह से सहयोग करूँगा ताकि आप अपने और हमारे सत्य तक पहुँच पाएं।

एस्पिरेन्ट् के प्रोड्यूसर ‘अरुनभ कुमार’ से मृणाल की मुलाक़ात पर दीपेश ने कहा – “मृणाल से अरुनभ की मुलाक़ात 9 फरवरी 2020 को पटना के ‘चैम्बर ऑफ कॉमर्स’ में ‘Ted X’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हुई जहां दोनों को ही बतौर स्पीकर बुलाया गया था। वहीं पर नीलोत्पल मृणाल ने अरुनभ को किताब पढ़ने के लिए निवेदन व फ़िल्म या वेबसेरीज़ बनाने के लिए आग्रह किया।
दूसरी तरफ मैंने मुलाकात से 13 महीनें पहले यानि 11 जनवरी, 2019 को ही स्क्रिप्ट टीवीएफ की टीम को मेल कर दी थी। एक बार फिर से मैं खुले दिल से नीलोत्पल भाई को ये वादा करना चाहूंगा कि मेरे 3 साल की मेहनत, सारे रिसर्च, फील्ड विजिट्स, ऑडियो नोट्स, स्क्रिप्ट्स के ड्राफ्ट्स और अन्य सारे मटेरियल को उनके साथ साझा करने के लिए तैयार हूँ। जिस से हम सत्य तक पहुँच पाएं। दीपेश का कहना है कि वो एक प्रॉपर चैनल के ज़रिए अपनी बात रखेंगें। फ़िलहाल दोनों पक्षों के ही जबरिया फैन्स आपस में तलवार भांझते हुए एक दूसरे को चोरटा बता रहे हैं।

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